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MySql database ka History aur Basic information (Hindi me).

Mysql  अपने features  के कारण  world का most popular database माना जाता है| MySql  जैसे Database के बिना एक dynamic website को devlop कर पाना अभी के लिए एक कल्पना मात्र है| इस database का  interface बहुत ही user friendly है, जो इसके उपयोग को काफी आसान बनता  है| सबसे बड़ी बात यह easily और freely  available है|

दूसरी बात ये WordPress installation के साथ ये आपको inbuilt मिलता है|

 

क्या आप इस Database history के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं?

 

आप बिलकुल सही जगह पर आए हैं |

 

हम आपको Mysql Database से संबंधित जानकारी नीचे बिन्दुवार देने जा रहे है|

 

Mysql  Database का परिचय|

 

मनुष्य अपने जीवन काल में बार-बार प्रयोग होने वालीं सूचनाओं को store करने के लिए Database का उपयोग करता है|

 

Market  में दो तरह के Database उपलब्ध हैं | पहला Paid database जैसे SQL Server, Oracle और दूसरा Free database जैसे MySql, PostgreSQL  आदि|

 

Mysql features की list एक paid database के comperision में  छोटा नहीं है| MySql Server सबसे ज्यादा उपयोग किया जानेवाला एक open source Relational Database Management System (RDBMS)   है |

 

इसका develop स्वीडेन की एक कंपनी “MySql AB” ने किया है | इस company की नीव 1995 में रखी गई थी |सन 2008 में “Sun Microsystems” ने इस company को लगभग $1 billion में अधिग्रहण कर लिया |

 

इस company को Oracle ने 2010 में अधिग्रहण कर लिया |

 

तब से इस company के सारे product Oracle brand के under market में  बेचे जाते हैं|

 

प्रारंभिक प्रयास| 

 

 इस Relational Database Management System (RDBMS) का develop की कहानी कुछ इस प्रकार है |

 

सन 1979 में MySQL के  inventor, Michael Widenius ने एक घरेलू database tool का निर्माण किया था, जिसे UNIREG के नाम से जाना गया |

 

बाद में UNIREG को काफी सारे languages में लिखा गया और बड़े – बड़े  database को चलाने के लिए UNIREG के features  को extend किया गया |

 

कुछ समय के बाद Michael Widenius ने mSQL के author David Hughes को संपर्क किया | यह देखने के लिए कि Hughes mSQL के साथ UNIREG  के B+ ISAM handler को connect करने में इच्छुक है या नहीं |

 

इस प्रकार MySql Relational Database Management System (RDBMS) का develop हुआ |

 

इसे full form के रूप में नहीं लिखा जा सकता है | क्योंकि इसका नामकरण इसके co- founder Michael Widenius के पुत्री “My” और  Structured Query Language  के short form “SQL” को जोड़कर MySql रखा गया है |

 

इसको समझने के लिए सबसे पहले हमे Data और Database को समझना जरुरी है | तभी हम MySql को अच्छी तरह से समझ सकते हैं |

 

Data क्या है? 

 

अधूरे (raw) या अव्यवस्थित(unorganised) रूप के सूचना को हम Data कह सकते हैं |

 

जैसे Alphabate(a, c), Number(1, 2) या Symbol(%, *) आदि | इन्ही आकड़ों(Data) से सूचना(Information) तैयार की जाती है |

 

जैसे 5 एक आकड़ा(data) है, जबकि 5 आम, 5 आदमी सूचनाएं हैं |

 

Computer की भाषा में आकड़ा(Data) और सूचना(Information) का एक दुसरे के बदले उपयोग किया जा सकता है |

 

Database की आवश्यकता क्यों पड़ी है? 

 

मनुष्य अपने जीवन काल में कुछ सूचनाओं का प्रयोग बार-बार करता है|

 

ऐसे में अगर वह इन सूचनाओं को किसी सुरक्षित जगह पर नहीं रखता है तो उसे वह सूचना बार-बार एकत्रित करने की आवश्यकता पड़ती है|

 

जो एक time consuming process है| ऐसे में अगर वह इन सूचनाओं को किसी सुरक्षित जगह पर रखता है तो उसका काफी time बच जायेगा|

 

इसका उपयोग वह अपनी सुविधा के अनुसार बार-बार कर सकता है |

 

जब भी हम अपने बच्चे को स्कूल में नामांकन(Admission) कराते हैं | हमे स्कूल को हमारे बच्चे तथा माता-पिता की कुछ Basic Information उपलब्ध करनी पड़ती है |

 

जैसे बच्चे का नाम, जन्म तिथि, पिता का नाम आदि  को Data(आकड़ा) कहते हैं |परंपरागत(traditional) तरीके की बात करें तो स्कूल इन सभी सूचनाओं को एक रजिस्टर पर record करके सुरक्षित रखता है |

 

इसी register को हम Database कह सकते हैं |यानि किसी विशेष उद्देश्य के लिए संग्रहित एक दूसरे से सम्बंधित Data(आकड़ा) को सुरक्षित रखने का स्थान  Database कहलायेगा |

 

समय के साथ-साथ data को store करने के तरीके में  भी काफी बदलाव आया है | अब data को डिजिटल तरीके से store  किया जाता है | इसके लिए हमे database की जरुरत होती है |

 

यानि जो आकड़े हम register में recored करके रखते थे | उसे हम digital रूप में store करने के लिए हमे एक MySql जैसे database की जरुरत होती है |

 

Database में बहुत सारे table होते हैं | इस table को Row और Column में बांटा जाता है | इसी Row और Column में data को रखा जाता है | जिसे cell कहते हैं |

 

Traditional database(register) में सिर्फ data को store करके रखा जाता था| लेकिन डिजिटल method में न केवल data को सिर्फ store करने बल्कि serve करने के लिए भी जोर दिया गया है| इसी उद्देश्य साथ बहुत सारे mysql features को add किया गया है|

 

File management system से  DBMS में shift करने के मुख्य कारण क्या हैं ? 

 

उदाहरण के तौर पर हम file based school management system को समझते हैं|  School  के विभिन्न Department  जैसे Acadmics Section, Result Section, Account Section और Hostel Section में Student का data उपलब्ध रहता है|

 

सभी section में student का कुछ data comman  रहता है | जैसे student का roll no, name, father’s name, address और phone no |

 

लेकिन कुछ data department के specific रहता है| जैसे marks obtained जो result section का एक पार्ट है|

 

File based management system में data को harddisk में file के रूप में store करके रखा जाता है|

 

इसमें उपयोगकर्ता को file  create, delete और  update  का अधिकार दिया जाता है|

 

File based school management system को manage करने में इन समस्यओं का सामना करना पड़ता है |

 

1.Redandancy of data :- अगर एक ही student का information एक से ज्यादा बार store करके रखा गया है तो extra data को redundent data कहा जायेगा|

 

ऐसा अक्सर होता है जब बहुत सारे file में से किसी particular file को हम search नहीं कर पातें हैं और एक और file उस student की create कर देते हैं|

 

File based management system में duplicate data का होना आम बात है|

 

2.Inconsistancy of data:- एक ही information का अलग-अलग section में अलग-अलग होना Inconsistancy of data कहलाता है|

 

जैसे एक ही student का address अलग-अलग department में अलग-अलग होना|

 

ऐसा  तब होता है जब एक department में data को update किया जाता है और दूसरे department में यूँ ही छोड़ दिया जाता है |

 

3.Difficulti data access:- अगर कोई student 5000 unsorted file में से अपना result को search करना चाहे तो उसे result search करने में काफी कठिनाई हो सकती है|

 

4.No concurrent access:- एक ही data को एक से अधिक user द्वारा एक ही समय में access करना संभव नहीं है|  File based management system में एक समय में एक ही user किसी particular file को access कर सकता है|

 

5.Unothorised access:- File based management system में unauthrised access की ओर अग्रसर हो सकता है|

 

अगर कोई student किसी ऐसे file को access करता है जिसमे उसके result के marks हो तो वह unauthrised तौर पर marks को change कर सकता है|

 

ऊपर वर्णित सारे कमियों को specific  features  को add कर दूर किया गया है|

 

 

Mysql features :-  

 

Easy to use :- इसे use करना बहुत ही आसान है | आपको सिर्फ SQL के basic knowledge  की आवश्यकता है | SQL Statements  से आप database create, Record Insert, Delete, update और Database  साथ interact कर सकते हैं |

Secure:-  यह Password  को Encrypted  form  में store करता है | जिसे अनचाहे घुसपैठ की संभवना काफी कम हो जाती है | यह Solid data security Consist करता है|

Client/Server Architecture:-  यह Client/Server Architecture को support करता है | यानि एक server के साथ बहुत सारे client applications को connect किया जा सकता है |

Free:-  यह पूर्णतः free  है | आप इसे इसके official website से free में download  कर सकते हैं |

Scalable:- यह किसी भी size के data को handle कर सकता है | यह 50 million या इससे ज्यादा rows support कर सकता है |

Compitable on many OS:- यह  Windows, Novell NetWare, Unix और Linux  operating system को पूर्णतः support करता है |

Rollback:- commit and crash recovery की स्थिति में यह transactions का  Roll Back  Support  करता है |

High productivity:- यह Triggers, Stored procedures और views आदि का उपयोग करता है जिसे developer  को काफी आसानी होती है |

High performance:- इसके unique storage engine architecture के चलते यह  faster, reliable और cheaper है |

High flexibility:- यह बहुत सारे embedded application  को support करता है जो इसको बहुत ज्यादा flexible बनता है |

Customizable:-  Programmers open-source GPL license के अंतर्गत specific environments के requirement  के अनुसार MySql Software में बदलाव कर सकते हैं|

 

ऊपर वर्णित सारे  features इसे database की category पर एक अलग ही level पर ले जाते  हैं|

 

क्या ये reliable है?

 

जैसा कि ऊपर बताया गया है, यह एक open source Relational Database Management System (RDBMS)  है |

 

इसके official website से mysql download किया जा सकता है |यह php language के साथ सबसे ज्यादा use किया जानेवाला database system है |

 

स्वीडेन की एक कंपनी के द्वारा MySql AB में इसका Development किया गया | इसके  Dovelopers के नाम Michael Widenius (Monty), David Axmark और Allan Larsson है |यह पुर्णतः फ्री है | इसे उपयोग करने के लिए आपको कोई पैसे नहीं देने पड़ते हैं |

 

MySql Relational Database Management System (RDBMS) मुख्यतः “C & C++” Computer Programming Language में  लिखा गया एक Software  है |

 

यह परंपरागत तरीके से किये जानेवाले सारे कार्य Digital तरीके से करता है| जैसे Computer में Database बनाने, Database पर record Insert, Delete और Modify का कार्य करता है |

 

इसके साथ वांछित या सारी सूचनाओ को Database से निकालकर उपयोगकर्ता को दिखाने जैसे सभी Database सम्बंधित कार्य करता है |

 

इसमें कार्य करने के लिए SQL का उपयोग किया जाता है | इसे Structured Query Language कहा जाता है |

 

SQL  की मदद से Database में record Insert, Delete, Update  और view के अतिरिक्त  Database  से संबंधित अन्य सारे कार्य किये जाते हैं|

 

इसे Google, yahoo, Facebook, Nokia, Wikipedia जैसे बड़ी company भी use करती हैं |

 

इससे साफ पता चलता है की ये कितना reliable database है|

 

WordPress में इसका उपयोग | 

 

WordPress का उपयोग Content को publish करने के लिए किया जाता है| इसे Content Management System कहा जाता है |

 

यह दुनियाभर में सबसे ज्यादा use होनेवाला Content Management System के रूप में popular हो चुका है|

 

दुनियाभर में करोड़ों user WordPress को Content Management System के रूप website development के लिए चुनते हैं|

 

WordPress   content को beckend में store करने के लिए हमेशा MySql Relational Database Management System (RDBMS) का उपयोग करता है|

 

WordPress को PHP language से develop किया गया है| WordPress के साथ इसको use करने का दो मुख्य कारण हैं|

 

पहला अपने features  के चलते यह PHP programming language  के साथ सबसे ज्यादा friendly है| और दूसरा यह एक open source Relational Database Management System (RDBMS)  है|

 

एक blog/website के सारे content जैसे Password, Comment, Post  Data(आकड़ा) आदि को इस Database में ही store करके रखा जाता  है |

 

Website दो तरह के बनाए जाते हैं |एक  static और दूसरा dynamic | Static Website में database की जरुरत नहीं होती है | इस तरह के website पर सारे information को HTML Tag के साथ fix कर दिया जाता है | इस तरह के website हर बार एक ही information को display करते हैं | इसलिए इसे static website कहा जाता है |

 

परन्तु dynamic website static के विपरीत है | Dynamic website पर हम register और login कर सकते हैं | इसके अलावा website/blog  पर query के द्वारा हम किसी specific subject को search करने के लिए interaction कर सकते हैं |

 

किसी भी Dynamic Website में हम जो भी information display कराते हैं | वो MySql जैसे RDBMS द्वारा तैयार Database में ही सुरक्षित रखा जाता है | ताकि जरुरत पड़ने पर हम आसानी से बार-बार उपयोग कर पायें |

 

Windows computer में database के Installation का विधि :-

 

अगर आप WordPress के साथ MySql use करना चाहते हैं|

 

तो आपको इसे अलग से Install करने की आवश्यकता नहीं है| यह WordPress के साथ ही by default database  के रूप Install हो जायेगा|

 

किसी दूसरे के साथ अगर आप इसे use करना चाहते हैं| तो आपको इसके offcial website  से download कर Install करना पड़ेगा|

 

इसे install करने के लिए इन Instructions को follow करें| इसके official website   पर जाएँ एवं अपनी जरुरत के अनुसार Version के इसके database को download करें|

 

MySql database एवं installer एक ही package में एक साथ आता है| आप इसे download कर लें| इसे कहीं भी unzip करें और setup.exe को run करें|

 

यह MySql को by default c:\mysql  पर install कर देगा|

 

MySql installation को ऐसे verfy करें|

 

एक बार इसका installation process successful और Database start हो गया| आप इन सिंपल steps से इसकी function को verify कर सकते हैं|

 

आप अपने MySql command line client को खोलें| ये mysql> prompt के साथ दिखाई पड़ेगा| अगर आपने password set किया है तो password enter करें|

 

अब आप MySql database के साथ connect हो चुके हैं और आप अपने सारे SQL  command  mysql> prompt पर execute कर सकते हैं|

 

लेखन बंद करने से पहले :-

 

इस post में हमने mysql के बारे में पूरी जानकारी देने का प्रयास किया है| यह paid database के बहुत सारे features को provide करता है|

अतः MySql Database PHP के लिए एक वरदान की तरह है| इसके बिना wordpress का most popular open source CMS होना just एक imagination होता|

 

अगर आपको हमारा ये लेख(post) अच्छा लगा और आप कोई सुझाव देना चाहते हैं तो हमे comment करना ना भूलें|

 

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Founder , WebtechThoughts

Barun Chandra is technology enthusiast and a blogger. He is fond of technology in depth and writes posts in simple words to make understand easy.

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